Type Here to Get Search Results !
Your Responsive Ads code (Google Ads)

सब्र पर इस्लामी शायरी | Sabr Islamic Shayari in Hindi

 सब्र पर इस्लामी शायरी | Sabr Islamic Shayari in Hindi

सब्र पर इस्लामी शायरी | Sabr Islamic Shayari in Hindi

जब ज़ख्म गहरे हो जाएं, तो सब्र को दवा बना लेना। रब्ब की रहमत देर से आती है, मगर आती जरूर है।


सब्र करो, जब आँखे भीग जाएं, सब्र करो, जब दिल टूट जाए। रब सब देखता है, और हर आह का हिसाब रखता है।


तेरे सब्र का एक एक कतरा, तेरी तक़दीर बदल सकता है। बस भरोसा रख, रब की रहमत कभी खाली नहीं आती।


जब जब दिल ने सब्र किया, रब ने रहमत की बारिश की।जो ग़म था, वो भी फूल बन गया, तेरी दुआओं से।


सब्र की राह मुश्किल जरूर है, मगर इसका मंज़िल जन्नत है। रब्ब उन दिलों को कभी खाली नहीं लौटाता, जो सब्र के साथ दुआ करते हैं।


जब दुनिया ने ठुकरा दिया, सब्र का दामन थाम लिया। रब ने ऐसा गले लगाया, कि हर दर्द भूल गया।


सब्र करने वाले कभी हारते नहीं, वो तो रब के सबसे प्यारे बंदे बनते हैं। जो आँसू में भी मुस्कुराते हैं, उनके लिए रब खुद रास्ता बनाता है।


सब्र की मिसाल बन जा, फूलों की तरह महक जा। जो तुझे आज समझ न सके, कल तुझे देख कर खुदा को याद करेगा।


ग़मों की रात चाहे जितनी लंबी हो, सब्र का सूरज जरूर निकलेगा। रब की रहमत उन पर बरसती है, जो टूट कर भी दुआ करते हैं।


कभी भी सब्र से हार मत मानो, हर दर्द रब के पास दर्ज है। तेरी एक एक आह पर, रहमत का समुंदर लहराने वाला है।


"सब्र वो ताकत है जो इंसान को टूटा हुआ होते हुए भी मुस्कुराना सिखाती है।

जब लोग साथ छोड़ते हैं, रब साथ निभाता है।

बस सब्र कर, सजदा कर, और देख तेरा रब तुझे कै

से बुलंदियों तक ले जाएगा।"


Islamic Shayari, Sabr Shayari, Patience Shayari, Dua Shayari, Hindi Islamic Poetry

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Welcome

Top Post Ad

Top Post Responsive Ads code (Google Ads)

Below Post Ad

Below Post Responsive Ads code (Google Ads)