सब्र और रहमत पर खूबसूरत इस्लामी शायरी | Islamic Shayari on Patience and Blessings
जब इंसान टूटने लगे, थकने लगे, तो सब्र उसका सबसे बड़ा सहारा बनता है। रब्बुल आलमीन की रहमत उन पर बरसती है जो सब्र करते हैं और सजदे में गिरकर दुआ मांगते हैं। आज आपके लिए पेश है सब्र और रहमत पर कुछ खूबसूरत इस्लामी शायरियां जो दिल को सुकून देंगी और रूह को ताजगी देंगी। 🌙🤲
तेरे सजदे में जब भी झुके हम, आंखों से अश्कों के फूल बरस पड़े। या रब्ब, तेरी रहमत का एक कतरा भी, हमारी सारी तन्हाइयों को रोशन कर गया।
कितनी बार टूटा, बिखरा, गिरा, मगर हर बार तेरा ही सहारा मिला। ऐ मेरे मालिक, तेरी मेहरबानी ने, मुझे मेरी हार से भी जीतना सिखाया।
जब कोई अपना भी बेगाना लगा, तेरा करम ही था जो हमें थामे रहा। तेरी रहमत से ही आज भी जी रहे हैं, वरना तो कब के टूट गए होते।
हर सुबह तेरा शुक्र अदा करते हैं, हर रात तेरा फज़ल मांगते हैं। ऐ रब, तेरे बिना तो सांस लेना भी, बस एक बेकार आदत जैसा है।
दुआओं में तेरा नाम लिया, आंसुओं में तेरा सुकून पाया। जब जब लगे कि अब सब खत्म हो गया, तेरा करम एक नई सुबह लेकर आया।
जब दुनिया ने ठुकरा दिया, सब्र का दामन थाम लिया। रब ने ऐसा गले लगाया, कि हर दर्द भूल गया।
सब्र करने वाले कभी हारते नहीं, वो तो रब के सबसे प्यारे बंदे बनते हैं। जो आँसू में भी मुस्कुराते हैं, उनके लिए रब खुद रास्ता बनाता है।
सब्र की मिसाल बन जा, फूलों की तरह महक जा। जो तुझे आज समझ न सके, कल तुझे देख कर खुदा को याद करेगा।
ग़मों की रात चाहे जितनी लंबी हो, सब्र का सूरज जरूर निकलेगा। रब की रहमत उन पर बरसती है, जो टूट कर भी दुआ करते हैं।
कभी भी सब्र से हार मत मानो, हर दर्द रब के पास दर्ज है। तेरी एक एक आह पर, रहमत का समुंदर लहराने वाला है।
याद रखो दोस्त! जब सब कुछ खत्म सा लगे, तो सब्र का दामन मत छोड़ना। रब सब कुछ देख रहा है। दुआ करो, सजदा करो और यकीन रखो कि हर मुश्किल के बाद रहमत का मौसम जरूर आता है। 🤲🌸
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