Type Here to Get Search Results !
Your Responsive Ads code (Google Ads)

डर की गूंज – भाग 2: परछाई का पहला हमला | Echoes of Fear – Part 2: The Shadow's First Attack

Intro 

कभी-कभी डर सिर्फ अहसास नहीं होता — वो एक परछाई बनकर आपके पीछे चलता है… और फिर हमला करता है।


डर की गूंज – भाग 2: परछाई का पहला हमला | Echoes of Fear – Part 2: The Shadow's First Attack

डर की गूंज – भाग 2: परछाई का पहला हमला

गांव में कदम रखते ही विक्रम को कुछ अजीब सा महसूस हुआ। गांव पूरी तरह वीरान था — टूटी हुई झोपड़ियां, जली हुई दीवारें, और हवाओं में तैरती एक जानी-पहचानी लेकिन डरावनी गंध।

उसने अपनी डायरी खोली और पहला नोट लिखा —
“गांव में कोई नहीं है… लेकिन ऐसा लगता है जैसे कोई मुझे देख रहा है।”


टॉर्च की रोशनी और आंखें

रात के लगभग 12 बज रहे थे। विक्रम एक जली हुई कोठरी की ओर बढ़ा। उसने जैसे ही दरवाज़ा खोला, सामने दीवार पर कुछ लिखा था —
"तुम वापस नहीं जा पाओगे…"

विक्रम ने तुरंत टॉर्च घुमाई, और तभी…

दीवार की परछाई हिलने लगी… जबकि विक्रम बिल्कुल स्थिर था।


परछाई का पहला हमला

वो परछाई अब फैल रही थी। विक्रम को महसूस हुआ जैसे किसी ने उसकी गर्दन पर हाथ रखा हो।
उसका दम घुटने लगा। वह लड़खड़ा गया और नीचे गिर पड़ा।

आंखें खुलीं — तो सामने वही परछाई अब एक आकृति में बदल चुकी थी, बिना चेहरा, सिर्फ एक काली, धुंधली रूह।

विक्रम ने कांपती आवाज़ में कहा, “तुम कौन हो…?”

आवाज़ आई —
"तुमने हमें क्यों जगा दिया..."


बचाव या धोखा?

किसी तरह विक्रम ने अपने पास रखा लॉकेट (जो उसे उसकी दादी ने दिया था) सामने किया।
परछाई एक पल को रुकी, झटके से पीछे हटी और गायब हो गई।

विक्रम वहीं बैठा रहा, सांसें तेज़, और शरीर कांपता हुआ।


भाग 2 समाप्त

लेकिन क्या विक्रम अब सुरक्षित है?
या ये सिर्फ था पहला हमला?
गांव की परछाइयां अब जाग चुकी हैं…


डर की गूंज भाग 2, भूतिया कहानी हिंदी में, परछाई की कहानी, डरावनी रात, Hindi horror story blog, Vikram horror kahani, भूत का हमला


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Welcome

Top Post Ad

Top Post Responsive Ads code (Google Ads)

Below Post Ad

Below Post Responsive Ads code (Google Ads)